काम की खबर; दिल्ली में होली पर मेट्रो और बस की टाइमिंग क्या है, पहली बार शराब के ठेके खुले रहेंगे
दिल्ली में होली पर मेट्रो और बसों की टाइमिंग में बदलाव किया गया है। मेट्रो-बस और नमो भारत दोपहर तक नहीं चलेंगी। दोपहर के बाद यात्रियों की सुविधा के लिए बस और मेट्रो का संचालन होगा। नमो भारत शाम पांच बजे के बाद चलेगी। पहली बार होली पर शराब के ठेके खुले रहेंगे।
दिल्ली में होली पर मेट्रो और बसों की टाइमिंग में बदलाव किया गया है। मेट्रो-बस और नमो भारत दोपहर तक नहीं चलेंगी। दोपहर के बाद यात्रियों की सुविधा के लिए बस और मेट्रो का संचालन होगा। नमो भारत शाम पांच बजे के बाद चलेगी। पहली बार होली पर शराब के ठेके खुले रहेंगे।
दो बजे से सड़कों पर दौड़ने लगेंगी बसें
दिल्ली परिवहन निगम ने होली पर सुबह की शिफ्ट में बसों का संचालन नहीं करने का फैसला लिया है। हालांकि, यात्रियों की सुविधा के लिए दोपहर दो बजे के बाद 25 फीसदी बसों को सड़कों पर उतार दिया जाएगा। इस दौरान जिन रूटों पर यात्रियों की संख्या ज्यादा होगी वहां बसों के फेरे बढ़ाए जाएंगे।
मेट्रो की सुविधा भी ढाई बजे के बाद
होली के मद्देनजर बुधवार को दोपहर ढाई बजे तक मेट्रो का परिचालन बंद रहेगा। दोपहर ढाई बजे के बाद दिल्ली मेट्रो के सभी कॉरिडोर पर मेट्रो सेवा उपलब्ध होगी। डीएमआरसी ने बताया कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।
सराय काले खां से शाम 5 बजे चलेगी नमो भारत
दिल्ली से मेरठ के बीच चलने वाली नमो भारत ट्रेन होली के दिन शाम पांच बजे से चलेगी। एनसीआरटीसी के मुताबिक, सुबह से शाम पांच बजे के बीच यह सेवा उपलब्ध नहीं रहेगी। शाम पांच बजे से ट्रेन का संचालन शुरू होगा। यह रात 10 बजे तक चलेगा। इसके लिए कंट्रोल रूम से लेकर ट्रेन स्टाफ की ड्यूटी लगा दी गई है।
होली पर भी शराब के ठेके खुले रहेंगे
होली के अवसर पर पहली बार बुधवार को दिल्ली में शराब के ठेके सामान्य दिनों की तरह खुले रहेंगे। दिल्ली सरकार के एक्साइज विभाग द्वारा प्रत्येक वर्ष शराब के ठेकों को होली पर बंद रखने का आदेश जारी होता था। लेकिन इस वर्ष ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।
वहीं इस वित्तीय वर्ष के लिए जारी किए गए ड्राई डे की सूची में भी होली को शामिल नहीं किया गया है। शराब के ठेके चलाने वाले दुकानदारों ने बताया कि उनके पास होली पर दुकान बंद करने से संबंधित कोई सूचना नहीं आई है। इसलिए बुधवार को ठेके खोले जाएंगे।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।